दिल की लहर - बसन्त
मेरे दिल की लहर से निकली तरंग
बसंत में निकले मयूर मेरे संग |
सूखी डालियों में निकले पत्ते नवीन
हर्षित हो मन गाये गीत रंगीन ||
आयी है बसंत पंचमी
ले आई यह रंग सप्तमी |
पूजन करूँ माँ सरस्वती का आज
जिनसे होता है सब काज |
गौरी पुत्र गणेश सुनो लेखकराज
कृपा करो गणनायक सब पर आज ||
मैं हूँ माँ के चरणों का दास
जिनका है कण कण में वास ||
- कपिल राज सोनी
Awesome
ReplyDeleteSuperb 👏🙏
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